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विषय #स्वेच्छित ग़ज़ल जो उठाई नज़र तो दुआ लिख दिया, कोरे कागज पे हम वफ़ा लिख दिया,, इस कदर रंग लाई मेरी आशिक़ी, हम ने महबूब को ही ख़ुदा लिख दिया,, ...