लेखनी प्रतियोगिता -02-Dec-2022

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ममता की ममतामय मूर्त थी वो रूप में सलोनी सूरत थी वो ममता उसकी ऐसी थी जैसे  झरता हो शहद अंबर से जैसे फूलों से महकी क्यारी हो डांट से प्यार ...

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