लेखनी प्रतियोगिता -03-Dec-2022

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  ख्वाहिशें मैं ख्वाहिशों का अंबार लगाता गया वो हर ख्वाहिश पूरी करती गई मैं सपनो को सजाता गया वो बन के फरिश्ता पूरा करती गई मैं भूल गया कि वो ...

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