2 Part
346 times read
11 Liked
ख्वाहिशें मैं ख्वाहिशों का अंबार लगाता गया वो हर ख्वाहिश पूरी करती गई मैं सपनो को सजाता गया वो बन के फरिश्ता पूरा करती गई मैं भूल गया कि वो ...