लेखनी कविता -05-Dec-2022

1 Part

298 times read

7 Liked

इरादा  ना पूछो की मेरी मंजिल कहाँ है  अभी तो सफर का इरादा किया है  ना हारुगी हौंसला उम्र भर ये मैंने किसी से नहीं  सिर्फ और सिर्फ  खुद से वादा ...

×