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कुंठित मन के राग द्वेष से, ऊपर तो उठना होगा, शास्त्र शस्त्र जब संग चलेंगे, तभी धर्म समबल होगा, अगर चाहिए विजय श्री तो, कर्म यही उत्तम होगा, हे कलयुग के ...