फ़ना

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मैंने रोका था उसको दिल लगाने से, काश वो समझ जाती मेरे समझाने से, मैंने जाना नज़र फ़रेबी थी 'उसकी', पर वो नही मानी और हो गई 'उसकी', फ़ना हो गई ...

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