लेखनी कहानी -22-Dec-2022

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श्वेत वसना रजनि जगमगाने लगी. ऊंघती  बसुमती  को  जगाने लगी. आज पूनम कुमारी,बनी नव दुल्हन, सच  हुए  भोर के सब सुहाने सपन. रैन   की  मांग  सिंदूर  में  सज  गई, सज गए  ...

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