लेखनी कहानी -24-Dec-2022

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बढ़ जाना अपने पथ पर हे पथिक मार्ग कठिन है तो क्या हुआ  उम्मीदों का दामन तो नहीं छूटा है हे पथिक हो चाहे कितनी भी कठिनाइयां तू बढ़ते जाना  मंजिल ...

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