1 Part
282 times read
8 Liked
बढ़ जाना अपने पथ पर हे पथिक मार्ग कठिन है तो क्या हुआ उम्मीदों का दामन तो नहीं छूटा है हे पथिक हो चाहे कितनी भी कठिनाइयां तू बढ़ते जाना मंजिल ...