लेखनी कहानी -28-Dec-2022

1 Part

305 times read

8 Liked

🌷गीत🌷 मुकुलित मंजरिका, उपवन है. शिशुता न्यून,अधिक यौवन है! अंग अंग नव  यौवन  बिंबित, नयन कर्ण तक दीर्घ  हो चले, पूर्ण हुआ शिक्षण कटाक्ष का, कुंतल  मध्य  मिलिंद मनचले. नव निकुंज ...

×