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प्यास बुझती नहीं होंठ सूखे पड़े हाल क्या हो गया गम के बाज़ार में नींद आती नहीं रात जगते रहे चेन खो सा गया इश्क की हार में (जफर सिद्दीकी) (लखनऊ) ...