मुलाक़ात

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"याद रख सिकंदर के, हौसले तो आली थे, जब गया वो दुनिया से, दोनों हाथ ख़ाली थे।" शमशान के द्वार पर एक पागल फ़क़ीर ऊँचे सुर में चिल्ला रहा था। शव ...

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