1 Part
126 times read
5 Liked
काली घटाएं ----------------- कितने बदल गये हो या यूँ कहूँ तो---- काफ़ी बदल लिया है खुद को जानते हो ... अब इंतज़ार नहीं मिलता मुझसे न कोहनी टिकाये न टकटकी लगाए ...