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एक ब्राह्मण दिल्ली की सैर करने गया था। वह दिल्ली में किसी को पहचानता नहीं था। एक व्यापारी ने दया करके उसे अपने घर मेहमान बना लिया। उसने ब्राह्मण को भोजन ...