Gopal Gupta

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भारत

मैं सुभाष का स्वप्निल भारत ,

मै ज्ञान की तक्षशिला हूं,,
यश कीर्ति त्याग तपस्या,
मै शुरवीरो का बल हूं,,
दप दप करता प्रलय अनल सा,
हां स्वर्णिम इतिहास अजर हूं
मै ही कैदी हूं मुग़लो का ,
मै ही कैदी अंग्रेजो का,,
आज़ादी की चाह लिए था,
शुष्क अधर पर आह लिए था,,
सीने में दावानल ले कर,
जाने कितनी सदी जिया था,,
जागो हे नव भारत के वासी,
तुम क्यों कर ये भूल चुके हो,,
मै सुभाष का स्वप्निल भारत ,
मै ज्ञान की तक्षशिला हूं,,
मै झांसी की मान सरोही,
मै ही राणा का भाला ,,
मै ताना जी वीर शिवाजी,
मै पद्मिनी का जौहर हूं,,
वीर भगत का प्रण भी मै हूं,
मै गाँधी का शांति दूत हूं,,
पहचानो रे मनुज मुझे पहचानो रे ,
 मै सुभाष का स्वप्निल भारत ,
मैं ज्ञान की तक्षशिला हूं,,
 Gopal Gupta "Gopal "

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