Gopal Gupta

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मधुशाला

देव दैत्य सब है पंक्ति में ,ले कर हाथों मे प्याला,,
 विश्व मोहिनी पिला रही है, बन कर है साकी बाला,,
अमर तत्व का पान करे सुर, और असुरों को है हाला,,
विश्व महोनी भले छले पर, कभी न छलती मधुशाला,,

    Gopal Gupta "Gopal"

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5 Comments

Abhinav ji

02-Sep-2023 08:08 AM

Nice

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madhura

19-Aug-2023 02:48 PM

nice

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उत्कृष्ट,, उत्तम,, खूबसूरत अभिव्यक्ति

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