मधुशाला

1 Part

366 times read

22 Liked

देव दैत्य सब है पंक्ति में ,ले कर हाथों मे प्याला,,  विश्व मोहिनी पिला रही है, बन कर है साकी बाला,, अमर तत्व का पान करे सुर, और असुरों को है ...

×