Harjit Kaur

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फ़ितरत

 


फ़ितरत नहीं जनाब अपनी चेहरे पर चेहरा लगाने की मुंह से राम राम बोल कर पीठ पीछे छुरीयां चलाने की हर मंजिल मुबारक हों तुम्हें हमें आदत है ठोकरें खाने की बेवजह ना रोएं हैं हम कभी न ख़ता की है दिल दुखाने की        

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4 Comments

Shilpa modi

05-May-2021 07:38 PM

Nice

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Natash

30-Mar-2021 09:05 PM

👍

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kapil sharma

30-Mar-2021 06:58 PM

good

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