लेखनी कहानी -12-Jan-2026
प्यार में जब तू मेरी जान मगन होती है। देख कर तेरी सहेली को जलन होती है।
अब अकेले में सताती हैं तेरी सब यादें। अब तो तन्हाई से कमरे में घुटन होती है।
बड़ी अफसुर्दगी होती है यहां बेटी को। कभी वालिद के जो माथे पे शिकन होती है।
पेट भरना है "सगीर" मुझको मेरे बच्चों का। इसलिए अब नहीं पैरों में थकन होती है
Pranav kayande
17-Jan-2026 01:23 PM
Amazing
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