कविता-14-Dec-2021
कहने को वह छोटा है पर.......
कहने को वह छोटा है
पर काम बड़े कर जाता है
आदर्शों पर चलकर
नाम बड़े कर जाता है
मांगे मां से खद्दर की चादर
कहता मैं गांधी बन जाऊंगा
सत्य अहिंसा के पथ चलकर
अपनी राह बनाऊंगा।।
लक्ष्य को पाना है मुश्किल
पर हर बाधाएं पार करूंगा
अपने दृढ़ संकल्पों पर चलकर
रौशन देश का नाम करूंगा ।।
लाठी चश्मा पहनकर कहता
मैं दुनिया से लड़ जाऊंगा
सबके हक के खातिर
व्रत उपवास भी कर जाऊंगा
छोटा है पर बड़ा सयाना
बूढ़े दादा को सड़क पार कराता है
कहने को वह छोटा है
पर काम बड़े कर जाता है।।
शैलजा
स्वरचित सर्वाधिकार सुरक्षित
#कविता लेखनी प्रतियोगिता
Pallavi
15-Dec-2021 06:40 PM
Nice
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Priyanka Rani
15-Dec-2021 06:18 PM
Nice
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Kaushalya Rani
15-Dec-2021 05:32 PM
Nice
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