आरजू
मेरी बस यही आखिरी आरजू...
ए मेरे देश के फौजियों !
सरहद के रखवालों !
भले ही तुम्हारी खुशी में साथ न रहूँ,
लेकिन तुम्हारे हर दर्द, हर गम में साथ रहूँ...
भले ही तुम्हारी बंदूक न बन सकूँ,
पर हर वार के लिए तुम्हारी ढाल बनूँ...
राहों में तुम्हारी भले ही फूल न बिछा सकूँ,
हर कदम पर मिलने वाले कांटो को मै उठा लूँ....
साथ भले ही दुश्मन से न लड़ सकूँ,
पर उसकी गोली से तुम्हारी हिफ़ाजत करूँ....
मेरी बस यही आखिरी आरजू !
सीमा की रक्षा तुम करते हो,
तो अंदर की गंदगी मै मिटा सकूँ...
भले ही लम्बी जिंदगी न जी सकूँ,
पर मौत से पहले तुम्हारे काम आऊँ...
मेरी बस यही आखिरी आरजू !
© रु@dra को
#ओपन माइक p
Gunjan Kamal
01-May-2022 10:28 PM
बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति 🙏🏻
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Zakirhusain Abbas Chougule
01-May-2022 08:26 PM
Nice
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Shilpa modi
01-May-2022 07:50 PM
वाह बहुत खूखसूरत
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रु@dra
01-May-2022 07:52 PM
जी शुक्रिया
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