Roshan Rohit

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मारुतिनंदन

विषय:- "मरूतिनंदन"

केशरी के लाला, अंजनी के बाला।
हमारे ये संकट ,तुम जरा हर लो।।

भटकते भटकते , है आए कहा से।
दर पर तुम्हारे, हम भिख मांगते।।

हुई है हमसे , वो सारी गलतियां।
हम उनके लिए, है छमा मांगते।।

सब कृत्य छोड़कर, जीवन भक्ती मैं मोड़कर।
दर पर तुम्हारे, हम मोक्ष लेने आए।।

मन को मिली है , सुकून की शांति।
मोह माया छोड़कर, तुम्हारे दर है आए।।

केशरी के लाला, अंजनी के बाला।
हमारे ये संकट ,तुम हर लो बाबा।।

कविश्री रोशन जी
(8269105818)

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7 Comments

Hayati ansari

29-Nov-2021 10:03 AM

Good

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Arman

26-Nov-2021 11:48 PM

Nice

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Hayati ansari

26-Nov-2021 10:25 PM

Nice

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