Gopal Gupta

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ग़ज़ल

सफ़र मंज़िल का लिखता बौन लिखता,

कहाँ जीवन की खोई तौन लिखता,,

 क़लम हम ना उठाते तो भला फिर,
कहानी ज़िंदगी की कौन लिखता,,

दरख़्तो से उसे था प्यार ज़्यादा ,
कभी शीशम कभी सागौन लिखता,,

दिया धोका हमे अपना बनाकर,
कहो अपना किसे मैं औन लिखता,,

नहीं लिखता अगर परवाज़ को वो,
ग़ज़ल मे क्या फ़क़त वह मौन लिखता,,

     Gopal Gupta" Gopal "

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3 Comments

Khan

28-Nov-2022 10:03 PM

बेहतरीन 🙏🌺

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Gunjan Kamal

26-Nov-2022 10:43 PM

शानदार प्रस्तुति 👌

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Abhilasha deshpande

26-Nov-2022 10:33 PM

प्रशंसनीय

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