लेखनी कहानी -30-Dec-2022
पिता की माया
फिर से मुझे छोटा होना चाहिए पिताजी आपको आना चाहिए
मेरी गौरैया हाथ की उंगली पकड़ो
अपने साथ 'अच्छा कर' कहें
चलो माँ के ना कहने के बाद तुम्हारे पीछे दौड़ते हैं
बाबा की कार की आवाज सुनकर
सामने की खिड़की के माध्यम से सिर बाहर देखो
शित्शी का कहना है कि दादाजी के तेज पटाखे खाने चाहिए
शैलेट की मिठास के लिए हुत
कोने में कोई मुर्गा नहीं कहता
तुलसी की चट्टान पर उड़ना
घुटने के बल बैठना
पिताजी मुश्किल से हंसना चाहते हैं
कहो सोनुली और मुझे लाड़ प्यार करो
दूध के साथ रोटी की मात्रा आपके साथ भरनी चाहिए
अपने बुलंद में टहलें
क्षेत्र के निर्माण पर कशेरुक को सेंकना
नमक का स्वाद आपको खिलाना चाहिए
माता-पिता को अदालत में स्कूल आना चाहिए
मुझे शिक्षक से मेरी प्रशंसा सुननी चाहिए
झुंड में शादी के तम्बू से मेरा शिपमेंट
शब्द का प्यार कहते हुए, मुझे समझना होगा
आपको घर में सभी की छाया के रूप में खड़ा होना चाहिए
बच्चों की खुशी के लिए जीवन में बैठें
फिर से मुझे छोटा होना चाहिए पिताजी आपको आना चाहिए
मैं आपकी गोद में बातें सुनता हूं मुझे सो जाना चाहिए
आइए एक सपने में इंद्रधनुष के संगम में खेलते रहें .
-अभिलाषा देशपांडे
Dr. SAGHEER AHMAD SIDDIQUI
30-Dec-2022 11:27 PM
Nice
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Sachin dev
30-Dec-2022 04:37 PM
Nice 👌
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VIJAY POKHARNA "यस"
30-Dec-2022 04:32 PM
शानदार
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