ग़ज़ल

1 Part

319 times read

17 Liked

हसीं शाम रंगीं घटा छोड़ आए। हमी शहर ए उल्फ़त सजा छोड़ आए।। रखा दिल पे पत्थर वफ़ा छोड़ आए। सिसकते लबों पर दुआ छोड़ आए।। मुहब्बत का सौदा लगा फिर ...

×