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मिरे यार की है जवानी ग़ज़ल अदा की हया की निशानी ग़ज़ल, न हो नाम शामिल तुम्हारा अगर, मुकम्मल न रंगी-बयानी ग़ज़ल,, नहीं और कुछ भी सनम जान लो, तुम्हारी हमारी ...