ग़ज़ल

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खो गए राह के उजाले हैं, जिस्म पर ज़िन्दगी कें छाले हैं,, रात उजली है दिन बड़े धुंधले, इश्क़ के ढंग बड़े निराले हैं,, तुम को शायद ख़बर नहीं इतनी, ख़्वाब ...

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