1 Part
61 times read
3 Liked
कुछ तेरी सुनना कुछ अपनी सुनाना है तुझे, मिलकर अपने सीने से लगाना है तुझे। दूँ इतना प्यार की मुहब्बत की इंतेहा कर दूँ, रस्मों रिवाज़ रिवायत सब भुलाना है तुझे। ...