shayri

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तुम मेरी याद में सुलगो तो बुरा लगता है, तुम मेरे दीदार को तरसो तो बुरा लगता है, एक तमन्ना है फकत मुझ पे मेहरबान रहो, तुम किसी और को देखो ...

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