माँ

1 Part

371 times read

13 Liked

तुम बिन हमारे जीवन का सार नहीं माँ तुम्हारी हर दुआ हमारा नसीब संवारती माँ जिंदगी की हर तकलीफ ख़ुद सह कर हमें सुखमय जीवन तुम प्रदान करती माँ तुम्हारे कदमों ...

×