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सारा तेरी अदालत है वाह रे ईश्वर तेरी क्या कुदरत है। कभी बनता कभी मिटाता है सारे संसार को तेरी ज़रूरत है। मिल कर रहे सारे यहां भला उसमें दिखती तेरी ...