जन्माष्टमी

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बहा दो प्रेम की,गंगा मेरे नंदलाल आये है, मिटा दो व्यर्थ की शंका मेरे नंदलाल आये हैं, होठों पर बांसुरी उनके  कदम की डाल के नीचे सांवली मोहिनी मूरत पहन पीताम्बरी ...

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