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हिकायत से लिखी अब तख्तियां अच्छी नहीं लगती। उजड़ जाए अगर तो बस्तियां अच्छी नहीं लगती। हमारा अज्म है हम लौट कर वापस न जाएंगे। मुझे साहिल पे ठहरी कश्तियां अच्छी ...