धूप

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विषय  धूप आज धूप आकर अनजाने से लगी खेलने खेल, सात रंग से करा रही हैं धूसर मन का मेल, धूप घुसे यह आंतरतन में जब खिड़की दे खोल, खुलकर डोले ...

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