1 Part
274 times read
10 Liked
सफ़र मंज़िल का लिखता बौन लिखता, कहाँ जीवन की खोई तौन लिखता,, क़लम हम ना उठाते तो भला फिर, कहानी ज़िंदगी की कौन लिखता,, दरख़्तो से उसे था प्यार ज़्यादा , ...